सेहत का खज़ाना दालचीनी Cinnamon the Superfood

भारत मसालों के लिए प्रसिद्ध है और हमारे देश में मसालों का प्रयोग खाने में भी बहुत अधिक होता है पर क्या आप जानते हैं लगभग सभी मसाले किसी न किसी रूप में हमारी सेहत सुधारने में हमारी मदद करते हैं। ऐसा ही एक मसाला है दालचीनी(Cinnamon) जिसे एक चमत्कारी दवा कहा जाये तो कुछ गलत नहीं होगा। आइये जानते हैं दालचीनी के कुछ सेहत से भरे राज़….

cinnamon-1233403_640

ब्लड शुगर कंट्रोल(Sugar Control)

यदि दालचीनी(Cinnamon) को एक निश्चित मात्र में रोज लिया जाये तो यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है। कई शोध बताते हैं कि यदि दालचीनी को अपनी डाइट में शामिल किया जाये तो यह शरीर की इंसुलिन प्रतिरोध की क्षमता को कम करता है जिससे ये टाइप 2 डायबिटीज(Type 2 Diabetes) के मरीजों के लिए वरदान से कम नहीं है।

पेट की परेशानी में रामबाण

यदि आप को पेट की कोई समस्या है जोकि किसी बैक्टीरिया(Bacteria) की वजह से है तो दालचीनी आपकी काफी मदद कर सकता है। इसके एंटी बैकटीरियल(Anti-Bacterial) गुण इसको कई प्रकार की पेट की समस्याओं में रामबाण बनाते हैं। ई कोलाई(E-Coli) और सेलमोनीला(Salmonella) से लड़ने में यह यह बहुत प्रभावकारी है। इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम(Irritable Bowl Syndrome) में भी यह लाभकारी है। पेप्टिक अलसर(Peptic Ulcers) और पेट के कैंसर(Stomach Cancer) के कारण बनने वाले बैक्टीरिया H pylori को भी खत्म करती है। साथ ही गैस होने पर भी यह आपको राहत देने में मदद करती है।

कैंसर प्रतिरोधी

 

रिसर्च बताती हैं कि कैंसर को बने रहने के लिए शुगर की जरूरत होती है और दालचीनी(Cinnamon) शुगर कंट्रोल करके कैंसर सेल्स(Cancer Cells) को रोकने में मदद करती है। मेलानोमा(Melanoma), गॅस्ट्रिक कैंसर(Gastric Cancer), कोलोन कैंसर(Colon Cancer) और ब्लड कैंसर(Leukemia) में भी इसके कैंसर प्रतिरोधी गुण काम करते हैं और कैंसर रोकने की इसकी क्षमता इसको सुपर मैडिसिन(Super Medicine) की श्रेणी में लाती है।

हड्डियों को हैल्थी बनाना(Bone Health)

दालचीनी(Cinnamon) में मैगनीज(Manganese) होता है जोकि हड्डियों को हैल्थी बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है।यह ऑस्टियोपोरोसिस(Osteoporosis) होने से रोकता है क्यूंकि कई बार मैगनीज की कमी से भी यह हो सकता है। कई लोगों का कहना है कि इसने उनकी आर्थेराइटिस(Arthritis) में मदद की है पर इसपर कोई वैज्ञानिक सबूत प्राप्त नहीं हुआ है।

एंटी-ऑक्सिडेंट(Anti-Oxidant)

दालचीनी(Cinnamon) में एंटी ऑक्सिडेंट गुण होने के कारण यह बॉडी में Free Radicals के बनने को रोकती है जोकि कैंसर का कारण बनते हैं साथ ही और भी कई बीमारियों को आमंत्रण देते हैं। इस तरह यह कैंसर को रोकने से लेकर हो जाने पर उसको ठीक करने में भी मदद कर सकती है।

वजन कम करना(Weight Loose)

यदि मैटाबोलिज्म(Metabolism) के कम होने की वजह से आपका वजन बढ़ रहा है तो दालचीनी(Cinnamon) आपकी काफी मदद कर सकती है। दालचीनी में खून को पतला करने की क्षमता होती है जोकि शरीर के मेटाबोलिक रेट(Metabolic Rate) को बढ़ाने का काम करता है और वजन कम करने में सहायक होता है।

एंटी-फंगल(Anti-Fungal)

product-1258270_640

यदि आपको कोई फंगल इन्फ़ैकशन(Fungal Infection) हुआ है तो दालचीनी(Cinnamon) को चाय या खाने में शामिल करने के अलावा दालचीनी के तेल(Cinnamon Oil) को फंगल इन्फ़ैकशन के स्थान पर लगाने से आराम मिलता है। पैरों में होने वाले कई प्रकार के फंगल इन्फ़ैकशन इसकी मदद से ठीक किए जा सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल को कम करना(Cholesterol Control)

दालचीनी(Cinnamon) खून को पतला कर और शुगर कंट्रोल करके कोलेस्ट्रॉल को परोक्ष रूप से कम करने में मदद करती है पर कुछ रिसर्च का यह भी मानना है कि यह गुड कोलेस्ट्रॉल(Good Cholesterol) को बढ़ाने और बैड कोलेस्ट्रॉल(Bad Cholesterol) को कम करने में भी लाभकारी है, पर इसके संबंध में कोई बड़ा वैज्ञानिक सबूत नहीं है।

दाँतों और मसूड़ों के लिए लाभकारी

अपने एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण यह दाँतों और मसूड़ों में होने वाली बैक्टीरिया संबंधी परेशानियों को कम करने में मदद करता है साथ ही मुह की साफ सफाई में बहुत लाभकारी है। यही कारण है कि कई माउथ फ्रैशनर(Mouth Freshner) और टूथपेस्ट(Toothpaste) में इसको प्रयोग किया जाता है।

हैल्थ सप्लीमेंट(Health Supplement)

दालचीनी(Cinnamon) को हैल्थ सप्लीमेंट का खिताब दिया जा सकता है क्यूंकि इसमें मैगनीज(Manganese), लोहा(Iron) और कैल्सियम(Calcium) भी पाया जाता है। इसके एक चम्मच में लगभग 0.33 मिग्रा(mg) मैगनीज, 24.56 मिग्रा(mg) कैल्सियम और 0.76 मिग्रा(mg) लोहा होता है जो हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी होते हैं।

गले की समस्याओं में लाभकारी

teacup-1121646_1280

यदि आपको जुखाम(Cold) हुआ हो या फिर गले में कोई इन्फ़ैकशन हो, खांसी(Cough) हो तो आप दालचीनी(Cinnamon) की चाय पीने पर इसके एंटी बैक्टीरियल गुणों का लाभ ले सकते हैं। इसके प्रयोग से सामान्य गले के रोगों को बड़े आराम से ठीक किया आ सकता है। चीन में इसकी चाय का प्रयोग कई प्रकार के रोगों को ठीक करने में किया जाता रहा है।

अल्जाइमर्स(Alzheimers) में लाभकारी

जानवरों पर की गयी कई रिसर्च यह बताती हैं कि दालचीनी का प्रयोग करके अल्जाइमर्स को होने से रोका जा सकता है और इसके शुरुआती लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। दालचीनी अल्जाइमर्स(Alzheimers) रोग में दिमाग को हुए नुकसान को रोकने में भी कारगर साबित हो सकती है।

Post Menstrual Syndrome में मदद

pain-1015573_1280

दालचीनी(Cinnamon) में मैगनीज होता है और PMS के दौरान होने वाले मूड स्विंग(Mood Swings) और पेट दर्द(Cramps) में यह लाभकारी होता है। रिसर्च बताता है कि मैगनीज की कमी की वजह से भी PMS के दौरान महिलाओं की परेशानी बढ़ सकती हैं। इस तरह दालचीनी को अपनी खुराक में शामिल करके PMS से लड़ने में मदद मिल सकती है।

एंटी-वाइरल(Anti-Viral)

दालचीनी(Cinnamon) पर की गयी रिसर्च इसके एंटी-वाइरल गुणों को भी साबित करती है। भारत में की गयी एक रिसर्च बताती है कि इसके अंदर HIV से लड़ने की भी क्षमता है, यह HIV को AIDS में बदलने से रोकने में मदद कर सकती है, संभव है कि एचआईवी/एड्स से लड़ने में दालचीनी ही एक दवाई बनकर उभरे।

एंटी डिप्रैसेंट(Anti Depressant)

दालचीनी(Cinnamon) का प्रयोग मूड स्विंग्स, डिप्रैसन(Depression) और मूड को ठीक करने में भी किया जा सकता है, चीन और ताइवान में इसका प्रयोग चाय और अरोमा थेरेपी(AromaTherapy) के रूप में किया जाता रहा है और इसमें डिप्रैसन को कम करने में मदद करने कि क्षमता का भी दावा किया जाता है।

सिरदर्द में लाभकारी(Headache Cure)

essential-oils-1433692_640

यदि आपको सिरदर्द है तो आप एक से दो कप दालचीनी चाय पी सकते हैं या फिर दालचीनी के तेल को अरोमा थेरेपी(Aroma Therapy) की तरह इस्तेमाल करके देख सकते हैं। निश्चित तौर पर यह आपको आपके सिरदर्द में लाभ पहुंचाएगा।

फिर आप भी दालचीनी(Cinnamon) के लाभों का फायदा उठाइए पर एक बात ध्यान रखें इसके प्रयोग को एक निश्चित मात्रा में ही करें क्यूंकि इसकी अधिकता भी बुरी है।

4 thoughts on “सेहत का खज़ाना दालचीनी Cinnamon the Superfood”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_bye.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_good.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_negative.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_scratch.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_wacko.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_yahoo.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_cool.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_rose.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_smile.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_whistle3.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_mail.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_cry.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_sad.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_unsure.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_wink.gif 
http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_heart.gif  http://bsdblog.in/wp-content/plugins/wp-monalisa/icons/wpml_yes.gif