सेहत की मिठास गुड़ Jaggery-Sweetness of Health

प्राचीन काल से ही गुड़ (Jaggery) का उपयोग भारतीय भोजन तथा उसके बाद किया जाता रहा है। क्या यह केवल इसके मीठे स्वाद के लिए किया गया या फिर इसके पीछे कोई और भी कारण था, इस सवाल का जवाब आज के विज्ञान ने भी दे दिया है। आज गुड़ की मिठास के पीछे छिपे इसके स्वास्थ्य(Health) अच्छा करने वाले गुणों के बारे में बात करते हैं

पाचन में मदद (Helps in Digestion)

गुड़ का उपयोग बहुत से पाचन संबंधी दोषों को दूर करने में किया जा सकता है। गुड़ हमारे शरीर में पाचक रसों (Digestive Enzymes) के निकलने में मदद करता है जोकि भोजन के पाचन में मदद करते हैं। सही पाचन की वजह से आँतों (Intestines) में होने वाली परेशानियों को भी दूर करने में मदद मिलती है। कब्ज (Constipation), अपच (Indigestion), गैस बनना (Flatulence), पेट के कीड़ों (Intestinal Worms) जैसी परेशानियों में गुड़ का उपयोग इनको खत्म करने का कारण बंता है।

रक्त विकारों में उपयोगी (Useful in Blood Disorders)

गुड़ का उपयोग करने से शरीर में रक्त साफ होता है और शरीर स्वस्थ होता है। गुड़ में उपस्थित आयरन (Iron) के कारण यह रक्त की कमी (Anaemia) को भी दूर करने का काम करता है। हीमोग्लोबिन (Haemoglobin) बनने में मदद करने के कारण गुड़ का उपयोग गर्भवती महिलाओं के लिए यह वरदान से कम नहीं है।

मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं में उपयोगी (Useful in Menstrual Period)

गुड़ के अंदर मौजूद बहुत से जरूरी खनिजों (Minerals) के कारण यह मासिक धर्म के समय महिलाओं के बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। इस दौरान पेट में होने वाले दर्द (Stomach Ache) और ऐंठन (Cramps) में गुड़ का उपयोग इन समस्याओं से निजात दिलाता है।

वजन कम करने में लाभकारी (Beneficial in Weight Loss)

गुड़ के अंदर पॉटेशियम (Potassium) उपस्थित होता है जोकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट  (Electrolyte) को संतुलित करने के साथ साथ मसल्स(Muscles) बनाने में मदद करता है। गुड़ का उपयोग मेटाबोलिज्म (Metabolism) को बढ़ाने में मदद करता है साथ ही शरीर में वॉटर रीटेंसन (Water Retention) कम करता है। इन सभी गुणों के कारण गुड़ वजन कम करने में बहुत उपयोगी साबित हो सकता है।

रक्त दाब को नियंत्रित करना (Controls Blood Pressure)

गुड़ में पॉटेशियम (Potassium) और सोडियम (Sodium) उपस्थित होता है जोकि शरीर में रक्त दाब को नियमित करने के लिए लाभकारी खनिज हैं। इस प्रकार गुड़ का सेवन करने से रक्त दाब (Blood Pressure) को सही करने में भी मदद मिलती है पर साथ ही यह ध्यान रखना चाहिए कि  इसकी मात्रा बहुत अधिक नहीं लेनी चाहिए।

श्वास संबंधी रोगों में उपयोगी (Useful in Breathing Disorders)

गुड़ के नियमित सेवन के द्वारा बहुत से श्वास संबंधी रोगों जैसे अस्थमा (Asthma), ब्रोंकाइटिस (Bronchitis), आदि में लाभ मिलता है। श्वास संबंधी रोगों के लिए गुड़ को तिल (Sesame Seeds) के साथ खाने से अधिक लाभ मिलता है।

खाँसी-जुकाम में लाभकारी (Beneficial in Cough-Cold)

गुड़ प्राकृतिक रूप से खाँसी-जुकाम (Cough & Cold) को ठीक करने में मदद करता है। गुड़ का उपयोग किसी कफ़ सीरप (Cough Syrup) की तरह काम करता है, यदि आपको सीधे गुड़ खाने पसंद न हो तो इसको गरम पानी के साथ मिला कर पिया जा सकता है।

जोड़ों के दर्द से निजात (Relieves Joint Pain)

जोड़ों के दर्द को दूर करने के लिए दूध के साथ गुड़ का सेवन लाभकारी होता है। इससे शरीर को कैल्सियम (Calcium) और पॉटेशियम (Potassium) मिलता है जो हड्डियों को मजबूत करने का काम करते हैं साथ ही आर्थेराइटिस (Arthritis) के प्रभाव को कम करते हैं। आर्थेराइटिस के दर्द से निजात पाने के लिए गुड़ के साथ अदरक (Ginger) के सेवन की सलाह दी जाती है।

मूत्र रोगों और किडनी को स्वस्थ करता है (Healthy Kidney)

गुड़ गन्ने (Sugarcane) से बनाया जाता है और यह इसके प्राकृतिक मूत्रवर्धक गुण (Diuretic) से भी युक्त होता है। इसके इसी गुण के कारण यह किडनी रोगों से बचाव के साथ साथ अनेक मूत्र रोगों में लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

लीवर स्वस्थ रखता है (Healthy Liver)

गुड़ का नियमित प्रयोग करने से यह शरीर में उपस्थित अशुद्धताओं (Impurities) और विषाक्त पदार्थों (Toxins) को दूर करने में मदद करता है। जिसके कारण लीवर पर कम दबाव करता है क्यूंकि गुड़ लीवर का काम आसान बना देता है। लीवर पर कम दबाव इसको अधिक मजबूत बनाने में सहायक होता है।

शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है (Boosts Immunity)

गुड़ में अनेक खनिज (Minerals), पोषक तत्व और एंटी-ऑक्सिडेंट (Anti-oxidants) होते हैं जोकि शरीर के सामान्य परिचालन में मदद के साथ साथ हमको अनेक प्रकार के रोगों से लड़ने में भी मदद करते हैं। गुड़ में उपस्थित सेलेनियम (Selenium) इसको हमारे शरीर को फ्री रैडिकल (Free Radicals) से होने वाली परेशानियों में उपयोगी बनाता है।

रजनोवृति में लाभदायक (Helpful in PMS)

रजनोवृति (PMS) के समय महिलाओं के शरीर में अनेक हार्मोन्स (Hormones) संबंधी बदलाव आते हैं जिसके कारण अनेक प्रकार की परेशानियों का आना शुरू हो जाता है। ऐसे समय में गुड़ का सेवन लाभदायक हो सकता है क्यूंकि यह एंडोर्फीन (Endorphins) हार्मोन को बढ़ाता है जिससे शरीर को अन्य हार्मोन्स के संतुलन को बनाने में मदद मिलती है।

हिचकी आने में लाभदायक (Helpful in Hiccups)

कई लोगों को लंबे समय तक हिचकी आती रहती है और विभिन्न तरीकों से लाभ नहीं मिलता है। ऐसे समय पर गुड़ के साथ सौंठ (Dry Ginger Powder) का सेवन हिचकी को दूर करने में मदद कर सकता है। इसके लिए गुड़ के साथ सौंठ मिलाकर थोड़े गुनगुने (Lukewarm) पानी के साथ सेवन लाभदायी साबित हो सकता है।

पौरुष वर्धक (Virility Boosting)

आयुर्वेद के अनुसार आँवला पाउडर (Gooseberry Powder) के साथ गुड़ का नियमित सेवन करने से यह स्पर्म (Sperm) उत्पादन में बढ़ोतरी करता है और साथ ही स्पर्म क्वालिटी को भी बेहतर करने में मदद करता है। यह पुरुषों में होने वाले मूत्र विकारों के साथ साथ कमजोरी में भी मदद करता है।

चीनी का विकल्प (Alternative for Sugar)

चीनी का स्वास्थ्य पर बुरा असर होने का कारण इसका बहुत तेजी से शरीर में ग्लूकोज (Glucose) में बदल जाना है जिसकी वजह से पैंक्रियास (Pancreas) के सुचारु क्रियाकलाप पर दबाव पड़ता है जिसकी वजह से डायबिटीज (Diabetes) जैसी बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। डायबिटीज में चीनी एकदम जहर समान है। ऐसे में चीनी के स्थान पर गुड़ का प्रयोग लाभकारी हो सकता है क्यूंकि इसमें उपस्थित ग्लूकोज धीरे-धीरे रक्त में मिलता है किन्तु डायबिटीज होने पर इसका उपयोग सीमित मात्रा में डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

त्वचा के लिए लाभदायक (Beneficial for Skin)

गुड़ का उपयोग अगर त्वचा के ऊपर किया जाये तो भी यह एक बेहतरीन एंटी सेप्टिक (Antiseptic) और मॉइश्चराइजर (Moisturiser) के रूप में त्वचा को स्वस्थ बनाता  है।  साथ ही मुहासों (Pimples) और त्वचा विकारों से निजात दिला  सकती है। त्वचा के ऊपर इसे लेप के रूप में लगाने से इन लाभों को प्राप्त  किया जा सकता है।

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